धारा 370 की समाप्ति, कश्‍मीरियों के लिये अभिशाप या वरदान


      मोकर्रम खान
इस समय हर जगह धारा 370 की समाप्ति पर चर्चायें चल रही हैं. भाजपा चूंकि सत्‍ता पक्ष है इसलिये इसके नेता खूब बढ़ चढ़ कर बयानबाजियां कर रहे हैं. विपक्ष अपना विरोध करने का कर्तव्‍य निभा रहा है. कुछ अन्‍य पार्टियों के निर्वासित नेता इसे स्‍वर्णावसर समझ वक्‍तव्‍य दे दे कर भाजपा में प्रवेश के द्वार खोज रहे हैं तथा भाजपा के कुछ अनिवार्य सेवानिवृत्‍त नेता भी टि्वटर पर वीरता का प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि भविष्‍य में सत्‍ता सुख प्राप्‍त किया जा सके. इस पूरे घटनाक्रम से कश्‍मीर के लोगों पर क्‍या प्रभाव पड़ रहा है या भविष्‍य में पड़ेगा, इस पर विश्‍लेषण की आवश्‍यकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतिहास रच दिया

कश्‍मीर में धारा 370 पिछले 7 दशकों से लागू है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक झटके में समाप्‍त कर एक इतिहास रच दिया है. इसके क्‍या दूरगामी परिणाम होंगे, यह तो भविष्‍य के गर्भ में है किंतु जो वर्तमान परिस्थितियां हैं, वो सब के सामने हैं. कश्‍मीर में उद्योगधंधों के अभाव के कारण बेरोजगारी तथा गरीबी बहुत है. कश्‍मीरी युवक रोजी रोटी की तलाश में विभिन्‍न राज्‍यों में भटकते रहते हैं. बहुत से कश्‍मीरी युवक मुंबई जैसे महानगर में मात्र 10,000 रुपये प्रतिमाह के अल्‍प वेतन में 12 घंटे की सिक्‍यूरिटी गार्ड की नौकरी करते हुये मिल जायेंगे. मध्‍य प्रदेश तथा महाराष्‍ट्र के कई शहरों में कश्‍मीरी युवक बहुत ही कम प्राफिट में फेरियां लगा कर शाल और सलवार सूट या ड्राई फ्रूट बेचते हुये मिलते हैं. ये लोग साल भर जी तोड़ मेहनत कर के थोड़े से पैसे बचा पाते हैं, तब जा कर एक महीने के लिये कश्‍मीर वापस जा कर अपने परिवार के साथ रह पाते हैं. कश्‍मीर काफी लंबे समय से आतंकवाद से पीडि़त है, बहुत से कश्‍मीरी युवक अलगाववादियों के बहकावे में आ कर विद्रोही गुटों में शामिल हो आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देते है, इसका खामियाजा भी कश्‍मीर के निरपराध युवकों को भुगतना पड़ता है. जो युवक पढ़ाई अथवा रोजी रोटी के लिये कश्‍मीर के बाहर जाते हैं, उन्‍हें भी स्‍थानीय लोग शक की निगाहों से देखते हैं. कई बार पुलिस भी परेशान करती है. ये युवक भारत के नागरिक होने के बाद भी उपेक्षा के शिकार हो जाते हैं. 

कश्‍मीर में आतंकवाद का एक बड़ा कारण बेरोजगारी है

कश्‍मीर में आतंकवाद का एक बड़ा कारण बेरोजगारी है. बेरोजगारी का कारण उद्योगधंधों का अभाव है. उद्योग न लगने का कारण बाहरी व्‍यक्तियों को जमीन खरीदने की अनुमति न होना है. स्‍थानीय लोगों के पास न तो उद्योग लगाने के लिये पूंजी है न ही दक्षता एवं रुचि. ले दे कर कालीन एवं केशर का व्‍यवसाय है, उस पर भी कुछ विशेष लोगों का कब्‍जा है. इस कारण कश्‍मीर में केवल दो ही वर्ग हैं, एक धनाढ्य, दूसरा निर्धन. इसके कारण सामाजिक असमानता ने भी समाज को जकड़ रखा है.
कश्‍मीर में सब से ज्‍यादा सुखी हैं, अलगाववादी नेता

कश्‍मीर में सब से ज्‍यादा सुखी हैं, अलगाववादी नेता जो कश्‍मीर के स्‍व-घोषित स्‍वामी हैं. ये लोग भारत में रह कर कश्‍मीर को भारत से अलग कराने की जंग छेड़े हुये हैं. ये कश्‍मीरी युवाओं को बरगला कर आग में झोंकते रहते हैं. पिछले 5 दशकों में हजारों कश्‍मीरी आतंकवाद की भेंट चढ़ गये किंतु इन नेताओं का बाल बांका नहीं हुआ क्‍योंकि ये भारी सुरक्षा में रहते हैं. इन्‍हें विघटनकारी गतिविधियां चलाने के बावजूद सरकारी सुरक्षा मिली हुई थी. इनके पास अरबों की संपत्ति भी है. इनके बच्‍चे विदेशों में पढ़ते हैं, कश्‍मीरियों को अच्‍छी शिक्षा नसीब नहीं है. नरेंद्र मोदी ने पहले इन अलगावावादी स्‍वयंभू नेताओं के अवैध आय के स्‍त्रोत जो कि मुख्‍यत: टेरर फंडिंग थे, बंद किये फिर इनकी सुरक्षा हटाई. इससे इनके हौसले पस्‍त हो गये. तदुपरांत अतिरिक्‍त सुरक्षाबलों की तैनाती कर, खुराफात की संभावनायें समाप्‍त कर दीं, उसके बाद धारा 370 की समाप्ति की घोषणा की. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उच्‍च रणनीतिक कुशलता का परिचायक है. 

आतंकवाद तथा अलगाववाद की समस्‍यायें स्‍वत: समाप्‍त हो जायेंगी. 

अब जब अन्‍य राज्‍यों के लोग कश्‍मीर में जमीन खरीद सकेंगे तो जमीन की कीमतें भी बढ़ेंगी जिसका लाभ उन छोटे छोटे भू स्‍वामियों को होगा जिन्‍हें उनकी भूमि का उचित मूल्‍य नहीं मिल पा रहा था. अब बड़े उद्योगपति भी कश्‍मीर का रुख करेंगे. कश्‍मीर में बड़े उद्योगों की स्‍थापना से स्‍थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा. उन्‍हें रोजी रोटी की तलाश में अपना घर परिवार छोड़ कर अन्‍य राज्‍यों में नहीं भटकना पड़ेगा, वे भी अपने परिवार के साथ सुखमय जीवन व्‍यतीत कर सकेंगे. जब बेरोजगारी नहीं होगी तो लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, अच्‍छे स्‍कूल कालेज खुलेंगे, लोग बच्‍चों को अच्‍छी शिक्षा दिला सकेंगे. उच्‍च शिक्षित युवा मुख्‍य धारा में जुड़ कर उच्‍च पदों पर स्‍थापित होंगे. इससे आतंकवाद तथा अलगाववाद की समस्‍यायें स्‍वत: समाप्‍त हो जायेंगी. 

धारा 370 की समाप्ति कश्‍मीरियों के लिए वरदान सिद्ध होगा

धारा 370 की समाप्ति से कश्‍मीरियों का कुछ भी नुकसान नहीं हो रहा है बल्कि यह उनके लिये एक वरदान सिद्ध होगा. पचास वर्षों से गोलियों की गड़गड़ाहट, बम के धमाके और मासूमों की चीखें सुन सुन कर कश्‍मीरी थक चुके हैं, वे इससे मुक्ति चाहते हैं. धारा 370 की समाप्ति इस दिशा में सबसे महत्‍वपूर्ण कदम साबित होगा. 
मोकर्रम खान - पत्रकार/राजनीतिक विश्‍लेषक,पूर्व निजी सचिव, केंद्रीय मंत्री (स्‍व. दलबीर सिंह जी) भोपाल. मोबाइल 9109912804 8275783020 E Mail unsoldjournalism@gmail.com         

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