सत्रहवीं लोकसभा : 125 फीसदी कामकाज,36 बिल,सबसे उपयोगी सत्र रहा है


सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र मंगलवार को संपन्न हो गया जिसमें कुल 37 बैठकें हुईं और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को हटाने एवं राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के संकल्प और विधेयक तथा तीन तलाक विरोधी विधेयक सहित कुल 36 विधेयक पारित किए गए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने  कहा कि यह 1952 से यह अब तक का सबसे उपयोगी सत्र रहा है और इसमें 125 फीसदी कामकाज हुआ।इस सत्र में कुल 33 सरकारी विधेयक विचार के लिए पेश किए गए और 36 विधेयक पारित किए गए।

इस सत्र में जम्मू कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को हटाने संबंधित दो संकल्पों, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, तीन तलाक विरोधी ‘मुस्लिम महिला अधिकार (संरक्षण) विधेयक-2019’, मोटरयान संशोधन विधेयक-2019, उपभोक्ता संरक्षण विधेयक-2019 और मजदूरी संहिता विधेयक प्रमुख हैं।



आर्टिकल-370 को हटाने से जुड़ा बिल हुआ पास


लोकसभा ने 6 अगस्त को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा से जुड़े आर्टिकल 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव संबंधी संकल्प को मंजूरी दी। लोकसभा में इसके पक्ष में 351 वोट पड़े और विपक्ष 72 वोट. वहीं एक मेंबर ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। 

बता दें कि जम्मू कश्मीर संघ शासित प्रदेश के लिये एक विधानसभा होगी और चुनावों से चुने गए प्रतिनिधियों से भरी जाने वाली सीटों की कुल संख्या 107 होगी। इसमें कहा गया कि जब तक पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर संघ शासित प्रदेश के हिस्से का अधिग्रहण नहीं होता है और उस क्षेत्र में रह रहे लोग अपने प्रतिनिधि नहीं चुनते हैं तब तक विधानसभा में 24 सीटें खाली रहेंगी।

तीन तलाक बिल बना कानून


25 जुलाई को मोदी सरकार के महत्वकांक्षी तीन तलाक से जुड़े बिल को मंजूरी दे दी गई। अब ये राज्यसभा से पास होकर और राष्ट्रपति की मंजूरी लेकर कानून भी बन चुका है।इसे पहले सरकार ने सितंबर 2018 और फरवरी 2019 में दो बार तीन तलाक अध्यादेश जारी किया था। क्योंकि लोकसभा में इस विवादास्पद विधेयक के पारित होने के बाद वो राज्यसभा में अटक गया था। मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अध्यादेश- 2019 के तहत तीन तलाक अवैध, अमान्य है। इसके मुताबिक अगर कोई भी पति अपनी पत्नी को तीन तलाक देने की कोशिश करता है तो उसे इसके लिए तीन साल तक की कैद की सजा हो सकती है।

मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन बिल हुआ पास

23 जुलाई को भ्रष्टाचार को खत्म करने, सड़क सुरक्षा में सुधार लाने और यातायात को नियंत्रित करने के मकसद से लोकसभा में एक मोटर वाहन अधिनियम, संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित किया गया।इस बिल में यातायात कानूनों के उल्लंघन के लिए भारी जुर्माने का प्रस्ताव है। सरकार का लक्ष्य इस विधेयक के साथ अगले पांच वर्षों में सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को 50 फीसदी तक कम करना है।

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