दबंग खनन माफिया ने पीड़ित की फर्जी वीडियो बनाकर उसके खिलाफ कराया एफ.आई.आर. दर्ज


दबंग खनन माफिया, आर.ई.एस. के बाबू व सेल टैक्स मे नियुक्ति संविदा कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा घर में घुसकर मारपीट करने वह जमीन से बेदखल करने के साथ पीड़ित की फर्जी वीडियो बनाकर उसके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने के संदर्भ में

मैं प्रार्थी जय गोविन्द राय ग्राम-राजपुरा थाना-कोपागंज जनपद मऊ का निवासी हूं। बीते दिनांक 15-4-2019 से 30-4-2019 के बीच मेरे पौत्र सौरभ राय के मोबाइल पर एक नंबर से चार बार धमकी भरा फोन आया और वह नंबर ट्रूकॉलर पर मेरे चचेरे भाई जोगिंदर राय का होना पाया गया।

धमकी भरे फोन के बाबत जा हमारे परिजनों ने भाई से पूछताछ की तो वे टाल-मटोल करने के साथ धमकी देने लगे। इतना ही नहीं घर में ईंट पत्थर फेकने लगे इस समस्या के बाबत हमारे पुत्र ने दिनांक 24-6-2019 को टेलीफोन के माध्यम से थाना कोपागंज थाना प्रभारी महोदय को अवगत कराया और समस्या के जांच हेतु अपील की तो थाना प्रभारी महोदय द्वारा कहा गया कि मैं रात में गश्त पर निकल लूंगा तो आऊंगा लेकिन वे नहीं आए बातचीत के क्रम में थाना प्रभारी महोदय द्वारा कहा गया कि आप तहरीर भेज दीजिए इसके साथ ही 100 नंबर डायल कर पुलिस को उक्त घटना के बाबत सूचना दी गई सूचना देने के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची लेकिन वह भी खानापूर्ति कर चली गई इसके बाद मेरे द्वारा 25-6-2019 को उक्त घटना के बाबत थाने में तहरीर दी गई तहरीर की जानकारी किसी माध्यम से विपक्षियों को हो गई और वे पुनः उग्र होकर गाली गलौज करने व ईट पत्थर चलाने का क्रम और तेज कर दिया जान माल का खतरा देख प्रार्थी ने पुनः 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी मौके पर पहुंची पुलिस अगले दिन थाने पहुंचने की बात कह कर चलती बनी इस समस्या के बाबत जब थाना प्रभारी महोदय को अवगत कराया गया तो उन्होंने बताया कि आपके विपक्षियों की तहरीर उपरोक्त दिनांक की शाम को दे दी गई है। क्रॉस एफआईआर करने के लिए विपक्षियों को मौका देकर फिर कहानी बनाई गई। पुलिस के निष्क्रिय कार्यवाही की वजह से दबंगों का हौसला और बुलंद हो गया और वह उसी रात घर पर जमकर पथराव किए और मेरी बाउंड्री फांद कर मेरे चैनल गेट को तोड़ने का प्रयास किया इस बात से डरे सहमे परिजनों ने 100 नंबर के साथ साथ उक्त घटना की जानकारी मैंने तुरंत सूचना मोबाइल के जरिए अपने पुत्र को दिया जिसने तुरन्त श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय मऊ को घटना से अवगत कराया जिसके बाद थाने से एक दरोगा व कांस्टेबल आए और मौका देखकर अगले दिन आने को बोल कर चले गए यदि मैं एवं मेरा परिवार दोषी था तो क्यों नहीं कार्रवाई की गई अगले दिन मैं थाने पर पहुंचा और विपक्षी भी थाने पर पहुंचे। इस दौरान थाना प्रभारी घटना को शार्ट करते हुए एफआईआर नहीं करने को कहा गया जब मेरे द्वारा इनकार करने पर पूर्व की घटना का एफआईआर मु0अ0स0145/19 धारा 336,507 आईपीसी दर्ज किया गया व साथ ही विपक्षियों का भी मुकदमा मु0अ0स0146/19 धारा 504,506 आईपीसी दर्ज (क्रास एफआईआर) किया गया। जब मेरे द्वारा थाना प्रभारी महोदय को दिनांक 26-6-2019 की घटना की तहरीर दी तो प्रभारी महोदय भड़क गए तथा विपक्षी से बोले कि तुम भी अपना तहरीर लाओ और जितना मुकदमा लिखवाना है उतना लिखवाओ। थाना प्रभारी महोदय ने तहरीर नहीं ली और पूर्व की घटना का ही एफआईआर कॉपी मुझे दे दिया गया मैंने इसकी सूचना अपने पुत्र को दी जो उस समय अपनी एक ट्रेनिंग 34 बी.एन. पीएसी भूलनपुर में कर रहा था घटनाक्रम से परेशान होकर मेरे पुत्र ने अवकाश हेतु सेनानायक महोदय को प्रार्थना पत्र दिया। दिनांक 27-6-2019 को मेरे पुत्र को 2 दिन का अवकाश दिया गया। अवकाश के दौरान मैं तथा मेरा पुत्र श्रीमान एसएसपी महोदय मऊ कि वहां उपस्थित होकर अपने ऊपर हुई घटना के संबंध में मौखिक और लिखित तहरीर के माध्यम से अवगत कराया जिस पर एसपी महोदय ने शिकायती प्रार्थना पत्र पर कुछ आदेश किया परंतु आज तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई और घटना लगातार होती रही जिस के संबंध में समाचार पत्र दैनिक भास्कर में भी प्रकाशन हुआ था हमारे विपक्षी खनन कार्यों से जुड़े हुए हैं तथा थाना स्थानीय पर अपना प्रभाव जमाए हुए हैं उसी क्रम में घटना के संबंध में दिनांक 2 अगस्त 2019 को मेरे पुत्र द्वारा थाना स्थानीय के थाना प्रभारी महोदय को सूचना दी गई तथा मेरे द्वारा थाना स्थानीय पर लिखित तहरीर दी गई जिसमें थाना प्रभारी महोदय द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर थाना अस्थानी पर वार्ता की गई सार्थक वार्ता के क्रम में विपक्षियों द्वारा माफी यादी मांगने पर हम दोनों पक्षों ने एक समझौता किया पुन: दो-चार दिन घटना का क्रम रुका रहा परंतु दिनांक 17 अगस्त 2019 को पुनः विपक्षियों द्वारा लामबंद होकर मेरे घर में घुसकर मारपीट व बलवा किया गया काफी प्रयास के बाद मेरा मुकदमा संबंधित धाराओं में पंजीकृत किया गया मुकदमा पंजीकृत होने की सूचना जब भी विपक्षियों को लगी तो विपक्षी राकेश राय, संजय राय, हरिशंकर राय, विपिन राय, अमित राय,सुमित राय, मधवेश राय द्वारा गलत एफआईआर लिखवाने के लिए थाना अस्थानी का चक्कर काटने लगे सफलता नहीं मिलने पर पुन: दिनांक 20 तारीख को मेरे परिवार के साथ मारपीट की गई आशंका के आधार पर झगड़ा होने से पूर्व में ही मैंने इसकी सूचना थाना प्रभारी महोदय को दी थी घटना घटीत होने पर मैंने इसकी सूचना अपने पुत्र को दी मेरे पुत्र द्वारा स्थानीय थाने के थाना प्रभारी महोदय से वार्ता किया गया तब थाना प्रभारी महोदय मौके पर पहुंचे तथा मौके पर हुए घटनाक्रम को देखा पुनः मेरे पुत्र से वार्ता किया गया और ऐसो महोदय द्वारा मेरे पुत्र से वार्ता करने के उपरांत कहा गया कि आप आ जाएं आपके प्रकरण का समाधान में दोनों पक्षों को बिठाकर कर दूंगा वार्ता के दौरान विपक्षी भी मौजूद थे जो इस बात को सुन रहे थे अगले दिन दिनांक 21 अगस्त 2019 को मेरे पुत्र का आना निश्चित हुआ दिनांक 21 अगस्त 2019 को थाना स्थानीय द्वारा मुझे फोन से अवगत कराया गया कि ऐसो महोदय याद कर रहे हैं जब मैं थाना स्थानीय पर थाना प्रभारी महोदय से मिला उस समय पूर्व से ही विपक्षी वहां बैठे हुए थे ऐसो साहब ने मुझसे पूछा कि आपके पुत्र कब आ रहे हैं मैंने बताया कि आप से बात हुई है 3 बजे तक आ जाएंगे पुनः ऐसो महोदय द्वारा कहा गया कि आप घर जाइए और जब आपके पुत्र आ जाएंगे तो आइएगा जब मेरे पुत्र घर पर आए तो विपक्षियों द्वारा लामबंद होकर प्री प्लानिंग के तहत मेरे पुत्र के ऊपर जानलेवा हमला गाली गलौज ईट पत्थर मारा गया तथा साजिश करके मुझे व मेरे परिवार व पुत्र को फंसाने की नियत से एक वीडियो फुटेज बनाया गया जो 12 सेकंड का ही वीडियो फुटेज बना करके इस घटना को अंजाम दिया गया अगर वीडियो फुटेज की प्रामाणिकता ही सही है तो क्या वीडियो फुटेज के आधार पर मेरे व मेरे पुत्र के विरुद्ध 147, 452 आईपीसी की धाराएं लगाई गई हैं यह भी गौर करने की बात है तथा 12 सेकंड के वीडियो फुटेज में एक व्यक्ति व मेरे परिवार द्वारा कितने लोगों को मार पीट दिया जाएगा यह भी सोचने विषय है कि केवल 12 सेकंड का वीडियो ही बना हुआ है उसके आगे या पीछे की भी कोई घटनाक्रम का वीडियो प्रकाशित क्यों नहीं किया गया प्रकाशित वीडियो खुले अस्थान वह वीडियो में 4 आदमी का दिखाया जाना पाया जा रहा है आप लोगों के माध्यम से मैं अवगत कराना कराना चाहता हूं कि घटना के संबंध में भिन्न-भिन्न तारीखों को दी गई सूचना के आधार पर अगर मेरे द्वारा दी गई सूचना गलत पाई गई थी तो स्थानी पुलिस द्वारा मेरे व मेरे परिवार के विरुद्ध ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई मैं पुलिस विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी हूं विभाग में रहने के दौरान और पूर्व में मेरे खिलाफ 74 वर्ष की आयु में किसी भी प्रकार का मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ तथा मेरे पुत्र जो वाराणसी में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं उनकी भी अवस्था 41 वर्ष हो चुकी है आज तक कोई भी एफआईआर झगड़े का मुकदमा यदि पंजीकृत नहीं है। अगर हम लोग दबंग व गुंडा किस्म के व्यक्ति होते तो बार-बार कानून का सहारा क्यों लेते और पुलिस के पास मदद हेतु क्यों जाते आप लोगों से अपील है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए हमारा सहयोग करें व मुझे न्याय दिलवाने मे मदद करें।

यह ख़बर वाराणसी से अजीत नारायण सिंह ने भेजा है 
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