बुलंद इरादों,सादगी और सक्रियता का दूसरा नाम है - शैला अहमद


अब्दुल रशीद 
सरल  स्वभाव और  मिलनसार व्यक्तित्व की धनी कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद शैला अहमद अपने गृहग्राम में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गई हैं। उन्हें बंगाल से राज्य सभा का प्रत्याशी बनाया गया है। यहां प्रस्तुत है "उर्जांचल टाइगर" से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद हुई ख़ास बातचीत के कुछ अंश। 

सवाल - आपका लंबा राजनैतिक सफ़र रहा है,चार बार विधायक रहीं और एक बार सांसद रहीं है,कैसे देखती हैं?
जवाब - इतना आसान तो नहीं था, हां मुझे ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा क्योंकि मेरी प्रथम  प्राथमिकता आवाम रही और जो कुछ भी कर सकी,हालांकि कम लगता है,वह सब इमानदारी से और पूरी शिद्दत से किया है।
सवाल - दुबारा आपको राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने पर लोगों का उमड़ा जनसैलाब आपके लोकप्रियता को दिखाता है। आप इसको कैसे देखती हैं?
जवाब - मैं शुक्रगुज़ार हूं,सभी के प्यार और साथ का जो मुझे मिला।यही वह ताक़त है जो मुझे बेहतर करने का हौसला देता है।
सवाल - आपका क्या बचपन से ही राजनीती में आने का सपना था या बाद में ?
जवाब- राजनीति मेरे खून मै रहीं है,बचपन से पिता जी को राजनीति मै देखती थी। फिर 18 साल की उम्र मै पहली बार राजनीति करने की शौक जगी और 29 साल की उम्र मै पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ी।
सवाल - वह काम जो आपको लगता है कि आवाम के लिए किया जाना चाहिए?
जवाब - आवाम के लिए पहली प्राथमिकता शिक्षा और रोजगार है,मैं राज्यसभा मै इस मुद्दे को ले के आवाज उठाऊंगी।
सवाल - आप अपने क्षेत्र की आवाम को क्या सन्देश देना चाहेंगी?
जवाब - मै तथाकथित बड़े नेताओं की तरह जुमला  तो नहीं फेंक सकती,हां इतना जरुर वायदा कर सकती हूं के अवाम के उम्मीद को टूटने नहीं दूंगी और हर वह काम जो मेरे योग्य होगा जरुर करूंगी।
सवाल - इतनी व्यस्त रहने के बावजूद क्या परिवार के लोगों को समय दे पाती हैं?
जवाब - जी बिलकुल नहीं दे पाती 

Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget