नेहरू शताब्दी चिकित्सालय : लापरवाही और कमीशनखोरी के खेल में फंसता मरीज़ की जान


सिंगरौली।।जिले की सर्वाधिक टेस्ट मशीनरी वाला एनसीएल का नेहरू शताब्दी चिकित्सालय कमीशन खोरी और अर्थव्यवस्था की भेट चढ़ गया है मामूली लापरवाही के कारण अकल मौत रुकने का नाम नहीं ले रहा है।



लापरवाही और कमीशनखोरी के खेल में फंसता मरीज़ की जान 

जिले के सबसे बड़े अस्पताल मे जहाँ मरीजों को एडमिट कराने एवं उपचार शुरू करने मे घंटो लगते है वही उनकी जाँच,रिपोर्ट व दवा आने मे अनगिनत जटिल प्रकिया के चलते मरीज बे मौत अपनी जान गवाना पड़ता है। बताया जाता है की अस्पताल मे मशीन ठीक है तो टेक्निशियन नदारद है और टेक्निशियन है तो मशीन का रोना,इसके अलावा दवाइयों के खरीदी बिक्री के खेल मे मरीज की हालत और भी खराब हो जाती है।
मरीजों के परिजनों से पूछने पे पता चला है की जो दवाइयां वहाँ मरीजों को लिखी जाती है। वह कर्मचारी के द्वारा आसपास के सेटिंग वाले मेडिकल स्टोर से लेना पड़ता है।
इन सबके बावजूद गेट के पास एम्बुलेंस के एजेंट ताक लगाए बैठे रहते है,जो मरीजों को बनारस के बड़े अस्पतालो तक पहुचाने के लिए जहां से चढ़ावा मिलाता है।चढ़ावे के लिए सर्वसुविधा युक्त एम्बुलेंस के एजेंट, धनी संपन्न गंभीर मरीजों को अपने पहचान के मुखिया तक पहुंचने मे लगे हुए हैं।

पीड़ित मरीजों के परिजनों ने एनसीएल प्रबंधक एवं जिला प्रशासन का ध्यान इस और आकृषित कराते हुए उचित कार्यवाही के लिए मांग की है।
बैढन से श्रीराम विश्वकर्मा कि रिपोर्ट 

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