सोनभद्र:- म्योरपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायतों में विकास कम भ्रष्टाचार ज्यादा


के सी शर्मा

बीना।सोनभद्र।सोनभद्र जिले के विकास खण्ड म्योरपुर के शक्तिनगर से अनपरा तक जिसे उर्जान्चल के रूप में जाना जाता है।इस क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायते है।इन ग्राम पंचायतों के पास न अपनी भूमि है, नही राज्य सरकार की।इतना ही नही इन पंचायतों में निवास करने वाले 80% लोगो की अपनी निजी भूमि भी नही है वे भारत सरकार और राज्य सरकारों तथा निजी उद्यगो के द्वारा किसानों से अपने प्रतिष्ठानों के उपयोग के लिए अधिकृत की गई भूमि पर अतिक्रमण कर बस्ती बसा दी गई है।



अतिक्रमण की गई बस्तियों में और कागज पर दो दशक पहले से सरकारी धन का बंदर बाट किया जा रहा है, जिसमे अरबो का महाघोटाला होना जानकारों के अनुसार बताया जा रहा है।

सूरत-ए- हाल  ग्राम पंचायत चन्दूवार का 

ग्राम पंचायत चन्दूवार में दो गांव बरवानी और चन्दूवार आते हैं, जिसकी जनसंख्या लगभग चार हजार के करीब और 1900 के लगभग मतदाता है। इस गांव में अनसूचित जाती,पिछड़ी जाति, स्वर्ण व अल्पसंख्यक सभी वर्ग के लोग निवास करते हैं।

पिछले साढ़े 4 वर्ष में इस पंचायत में 26 आवास निर्मित हुए हैं और सात निर्माणाधीन है, तथा सात प्रस्तावित है।301 शौचालय बनाये गए हैं।ग्राम पंचायत में एनसीएल द्वारा बनाई गई सड़क पर एनसीएल के वगैर अनुमति के ही सड़को पर वर्षो पहले ग्राम पंचायत द्वारा ( ईट )खड़ंजा बिछा दिया गया था,जहा इस समय सीसी रोड एनसीएल द्वारा बना दिया गया हैं। एनसीएल ने गत वर्ष इस विस्थापित गांव में सड़क बनाने की योजना बनाई तो विछाये गए खड़ंजे को ग्राम पंचयत ने उखड़वा लिया। 

सड़क निर्माण में घोटाले का सच 

पहले तो सड़क बना के खड़ंजा बिछाने का पैसा पूरा लिया गया, लेकिन सड़क तो पहले से ही  एनसीएल ने वर्षो पहले ही बनवा दिया था जो उस समय जगह जगह छतिग्रस्त होगयी थी, जिसपर बगैर एनसीएल के अनुमति के खड़ंजा जान बूझ कर बिछवा दिया गया और पूरी सड़क बना खड़ंजा बिछाने का पैसा ले लिया गया, जिसमे खड़ंजा बिछाने के अलावा ग्राम पंचायत ने कोई काम नही किया था,पर पैसा सड़क बनाने और खड़ंजा बिछाने दोनो का लिया, 

ग्राम प्रधान कितना चालक है कि राज्य सरकार को भी चुना लगाया और जब एक वर्ष पहले एनसीएल उस रोड को सीसी रोड बनाने गयी तो, ग्राम प्रधान ने पूरा ईंट फिर से उखड़वा के निकलवा लिया। लोग कहते हैं कि प्रधान ने पूरे ईंटे को बाजार में बेच दिया है।परन्तु जब इस प्रतिनिधि ने प्रधान पति उग्रसेन वर्मा से सेल फोन पर बात किया तो उन्होंने कहा कि सारे ईंटे रखे हुए हैं, पर कहा पर रख्खे है दिखाया नही।

इस ग्राम पंचायत में बने अधिकांश शौचालय और आवास इसी ईंटे से इस ग्राम पंचायत में बने हैं।इस प्रकार यहा भी ईट अगर खरीदना रिकार्ड में दिखाया गया है,तो ग्राम पंचायत ने परोक्ष  में इस ईंटे को ही बेचा है।

लाखो का ईंटा भ्रष्टाचार के नाम हवा में लग गया 

गांव वालों के अनुसार लगभग दो किलोमीटर के करीब सड़को पर खड़ंजा बिछा हुवा था। जानकर बताते हैं कि एक मीटर लंबा एक मीटर चौड़ा खड़ंजा बिछाने में72 ईंट लगते हैं। तीन मीटर चौड़ी सड़क होती हैं।इस प्रकार 72×3×2000=4 लाख 32 हजार ईंटे लगाए गए होंगे।जिसे ग्राम प्रधान द्वारा उखड़वा कर कहा रखा किसी ग्राम पंचायत के सदस्य को पता ही नही है और सेल फोन पर सचिव से बात करने पर उसने इससेअनभिज्ञता जतायी हैं।

माना कि 20% ईंट रद्दी निकल गयी होगी यानी लगभग एक लाख ईंट रद्दी निकल गयी होगी जो टुकड़ो के भाव पर बिका होगा और लगभग 3,50,000 साबूत ईंटे के भाव वेचा गया होगा।एक ईंट उस समय 4, साढ़े चार रुपये का आरहा था।इस प्रकार,3,50,000×4= 14 लाख रुपये का सबूत ईंट बेच कर इस धन का गमन कर दिया गया है।इसी प्रकार 1500 रुपये में एक ट्रैक्टर ट्राली में टुकड़ा आता है, जिसमे लगभग800 ईंट के टुकड़े में ट्राली भरती है।इस तरह लगभग एक लाख रद्दी ईंट याने लगभग 95 ट्राली रद्दी ईंट बिका। यानी95×1500=1,42,500 रुपये के टुकड़े ईंटे बेचे गए।कुल मिलाकर टुकड़ा और खड़ा ईटा 1400000+1,42,500,= 15,42,500 पंद्रह लाख बयालीस हजार पांच सौ रुपये के गमन की सनसनी खेज खबर चन्दूवार ग्राम पंचायत में प्रकाश में आई है।

ईट को लेकर ग्राम पंचायत में कोई सदस्यों की बैठक नही हुई है,और नही कोई प्रस्ताव पास हुआ है, नही ग्राम पंचायत के खाते में फूटी कौड़ी जमा हुवा हैं।इससे भी बड़ा आश्यचर्य है कि ग्राम पंचायत के सचिव को इस बड़े घोटाले और गमन की जानकारी ही नही है, इसी से अंदाजा लगया जासकता है कि ग्राम पंचायत के अन्य कार्यो में किस कदर भ्र्ष्टाचार हुआ है।

लाखों की लागत से बनी सम्पर्क मार्ग का कही आता पता ही नही!

ग्राम पंचायत में कागजो पर लाखो की लागत से बनी सम्पर्क मार्ग का कही आता पता ही नही है, लेकिन सम्पर्क मार्ग के नाम पर लोगो का कहना है कि लाखों का गोल माल किया गया है।

NCL द्वारा गांव में बनी नाली को ग्राम पंचायत की नली बना दिया गया है!

गांव वालों ने बताया कि यह सड़क और नाली एनसीएल द्वारा बनाया गया है, लेकिन ग्राम प्रधान ने एनसीएल की नाली को ग्राम पंचायत की नली दिखा लाखो का गोल माल किया गया है।जिसकी जांच हो जाये तो सच सब के सामने आजायेगा।

आवास और शौचालय में घटिया स्तर के सामग्री का इस्तेमाल किया गया है और अपात्रों को भी आवास आवंटित किए गए हैं!

इस पंचायत में अपात्रों को भी आवास आवंटित किए गए हैं ।प्रधान ने अपने ससुर और देवर को भी आवास आवंटित किया है, जो नियमानुसार नही है। शौचालय और आवास के निर्माण में घटिया स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। उसके साथ ही आवासों में कमीशन खोरी बड़े पैमाने पर होने की बात उजागर हुई हैं।शौचालय में तो ऐसी घटिया सामग्री का प्रयोग हुवा है कि बनते बनते बहुत शौचालय जीर्ण शीर्ण की अवस्था मे दिखने लगे हैं।

एनसीएल की भूमि पर सभी निर्माण कार्य हुए हैं!

इस ग्राम पंचायत की पूरी भूमि एन सी एल की है। जहा यह दो गांवों को मिलाकर एक ग्राम पंचायत है। इस ग्राम पंचायत ने एनसीएल से वगैर अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं अनुमति पत्र के ही सारे निर्माण कार्य धड़ल्ले से कर सरकारी धन का बंदर बाट कर लिया गया है।

ग्राम पंचायत में तलाब गहरीकरण पर भी गोल माल!

राज्य सरकार द्वारा पानी संरक्ष्ण के लिए राज्य व्यापी अभियान चलाया गया है, लेकिन इस ग्राम पंचायत में जिस तलाब के गहरीकरण की बात बताई जा रही है इस तालाब में चारो तरफ से कही भी पानी आने की व्यवस्था नही की गई है, वह इस समय भी सूखा जैसा है, जो सूबे के मुख्यमंत्री योगी जी के इस महान एवं पुनीत अभियान को मुह चिढ़ा रहा है। 

पानी संरक्ष्ण हो या न हो लेकिन पैसे की बंदर बाट तो हो ही गयीं है।जिसके जांच की आवश्यकता है। योगी के पानी संरक्ष्ण अभियान को पलीता लगा रहा है।

प्रधानपति है इलाके के सरहंग बसपा नेता!

प्रधान पति इलाके के बसपा नेता के साथ साथ एक दबंग एवं सरहंग किस्म के व्यक्ति है।इसीलिए ये योगी सरकार और योगी जी को अपने कार्यो से पब्लिक में क्षवि धूमिल करने में लगे हुये है।सरहंगई तो इस कदर है कि सरे राह इन्होंने खड़ा होक बीते नवरात्रि के समय एक लड़के की जम कर धुनाई कर दी थी,और आये दिन अपने ग्राम पंचायत में भौकाल बनाते रहते हैं।

ग्रामवासियों ने  सूबे के मुख्यमंत्री का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ जांच करा कार्यवाही करते हुए सम्बन्धितों से सरकारी धन का नियम विपरीत दुरपयोग,गमन और घोटला करने के कारण इनसे इसकी रिकवरी  कराई जाए।

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