साहेब, पानी खेतों में पहुंचते बिजली चली जाती है, और आते आते सूख जाता है!


उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग वाराणसी मे पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के द्वारा निर्धारित सभागार मण्डल आयुक्त कार्यालय में बुधवार को वर्ष 2019-20 के लिए वार्षिक राजस्व की आवश्यकता एवं टैरिफ वर्ष 2018-19 वार्षिक परफारमेंस रिव्यू तथा 2017-18 के टू अप पिटिशन पर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के किसान यूनियन, व्यापारी एवं हथकरघा यूनियन से जुड़े दर्जनों लोगों के साथ आम जनता ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।



इस दौरान आयोजित जनसुनवाई का नेतृत्व कर रहे मुख्य अभियंता नियामक आयोग नीरज अग्रवाल ने जहां एक ओर विस्तृत रूप से लेखा-जोखा रखा तो वहीं दूसरी तरफ जनसुनवाई में पहुंचे किसानों व्यापारियों तथा हथकरघा यूनियन से जुड़े लोगों ने अपनी अपनी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। किसानों ने कहा कि हम लोग को 6-7 घंटे ही बिजली मील रही हैं वह भी कट-कट कर।

साहेब पानी खेतों में पहुंचते बिजली चली जाती है, और आते आते सूख जाता है!

किसान यूनियन ने आयोग से कहा कि अन्य प्रदेशों में किसानों को कृषि के लिए मुफ्त में विद्युत व्यवस्था दी जा रही है,तो उत्तर प्रदेश मे क्यो नहीं? सरकार 18 घन्टे बिजली देने के दावों की सत्यता  अपने प्रतिनिधि को भेज कर दिखवा ले? 

किसान यूनियन द्वारा जोर देते हुए कहा गया है कि बिजली की खरीदारी एन.टी.पी.सी. या अन्य सरकारी संस्थानों से ही करें अन्य निजी संस्थानों से खरीददारी ना करें। जिससे बिजली सस्ती दरों में उपभोक्ता को मिल सके।

किसानों ने अपनी मांग उठाते हुए कहा कि किसानों पर बिल के भुगतान हेतु जो मुकदमे दर्ज करा कर जेल भेजा गया है उन्हें तत्काल रिहा किया जाय। इसके साथ ही लिफ्ट कैनालो से पानी लेने वाले को सब्सिडी दिया जाता हैं उसी प्रकार ट्यूवेल से पानी लेने वाले को भी सब्सिडी देने का नियम बनाये जाय।

किसानों के खेतों में जो खम्भे लगे हैं उन्हें हटाने के लिए विभाग स्वंय के खर्चे पर हटाए।

विधुत बिल गलत तरीके से भेजने और उसे सुधारने के नाम पर जो अधिकारी परेशान करते हैं उसे बंद किया जाय।

किसानों ने मांग उठाई कि पी डी करने में जे.ई द्वारा काफी परेशान किया जाता हैं उसे समाप्त किया जाय।
एक किसान ने भावुक होते हुए अपना दर्द बताया कि जब तक पानी खेतों में पहुँचता हैं बिजली चली जाती हैं और इंतजार में नाली का पानी सूख जाता हैं साहब जब विजली आती हैं तो फिर से उतना ही समय लगता है खेतों पानी पहुंचाने में लेकिन मीटर अपना काम करता रहता हैं इसमे हम लोगों का क्या कसूर हैं साहब हम लोग तो धरती का सीना चीर कर अन्न उपजते हैं और लोगों का पेट भरते हैं।

रेगुलेटरी का बोझ समाप्त किया जाय 

व्यापारी एवं हथकरघा यूनियन से जुड़े लोगों ने आयोग से मांग किया कि रेगुलेटरी का बोझ समाप्त किया जाय और प्रतिभूति राशि साफ्टवेयर मे ही डाल कर बिल मे ही संसोधन कर दिया जाय। इसके अलावा उद्योग को प्राथमिकता देने के साथ प्रति माह क्षेत्र के जनता के साथ अधीक्षण अभियंता बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान करें।

इलेक्ट्रॉनिक मीटरों के कारण अधिक रीडिंग का बिल आ रहा है 

कबीर नगर नागरिक आवासीय कल्याण समिति के उपाध्यक्ष राजेश कुमार राय ने आयोग के समक्ष नए लगे स्मार्ट मीटरों की दोषपूर्ण रीडिंग से भी अवगत कराया गया उन्होंने कहा कि कवीर नगर आवास विकास कालोनी दुर्गाकुण्ड एम.आई.जी. फ्लैटो मे विगत दो माह पूर्व लगभग 80% स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिया गया है जहाँ उतना ही उपभोग हो रहा है जितना दो माह पूर्व हो रहा था इलेक्ट्रॉनिक मीटरों मे किन्तु अब दो गुना अधिक रीडिंग का बिल आ रहा है उनके पास ऐसे मीटरों को तत्काल हटा दिया जाय।
बिजली बिल के वृद्धि पर रोक लगाई जाए जिसका सभी वर्गों ने एक आवाज समर्थन दिया।

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