मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सख्त लहजे में कं.के अधिकारियों से कहा, अपने-अपने कंपनियों में 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दें


अब्दुल रशीद 
सिंगरौली।। सिंगरौली जिले की पहचान जहां ऊर्जाधानी के रूप में की जाती है। वहीं अब ऊर्जाधानी के साथ-साथ स्वच्छ पर्यावरणीय स्थली के रूप में भी जानी जायेगी। जिसके लिए प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के साथ-साथ पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के हरसंभव प्रयासरत है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ोत्तरी और आधुनिक तकनीकी के इस्तेमाल के लिए मेडिकल कॉलेज का होना आवश्यक है, साथ ही अधोसंरचना को विकसित करने और विकास को और गति प्रदान करने के लिए हवाई मार्ग के माध्यम से भी ऊर्जांचल को जोड़ा जाना आवश्यक है। इसके लिए प्रदेश सरकार ऊर्जाधानी में एयरपोर्ट निर्माण के लिए भी आवश्यक कार्यवाही कर रही है।
उक्ताशय का उद्गार एनटीपीसी विन्ध्यनगर के प्रशासनिक भवन में आयोजित जिला प्रशासन एवं एनसीएल, एनटीपीसी तथा औद्योगिक कंपनियों के बैठक के दौरान जिले के प्रवास पर आये हुए मंत्री सज्जन सिंह वर्मा एवं  मंत्री कमलेश्वर पटेल के द्वारा व्यक्त किया गया। 

जनहित में सीएसआर फण्ड का सही उपयोग हो - पर्यावरण मंत्री

सज्जन सिंह वर्मा लोक निर्माण एवं पर्यावरण मंत्री ने आगे कहा कि प्रदूषित पर्यावरण से निश्चित ही अनेक बीमारियों के उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है। इसे रोकने हेतु सभी कंपनियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप शीघ्र पहल करना होगा। इसके अलावा प्रत्येक माह में अपने-अपने क्षेत्रों में मेडिकल कैम्प आयोजित करें तथा स्थानीय लोगों का मेडिकल चेकअप कर दवा वितरण करायें। आगे उन्होंने कहा कि सीएसआर फण्ड का सही उपयोग हो जो जनहित में हो मानवीय आधार पर संवेदनशील बनें तथा इसकी डेवलपमेंट (कौशल विकास) केन्द्रों की स्थापना किया जाकर बेरोजगार युवाओं को उनकी रूचि अनुसार प्रशिक्षण दिया जाकर उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाय। आपदा प्रबंधन के व्यवस्था के संबंध में मंत्री वर्मा ने यह निर्देश दिये कि सभी कंपनियां ठोस व्यवस्था करें, ताकि किसी भी आकस्मिक दुर्घटना के बचाव किया जा सके।


स्थानीय लोगों को 70 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध करायें 
- कमलेश्वर पटेल
कमलेश्वर पटेल मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास के द्वारा बैठक के दौरान उपस्थित कंपनियों के अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि अपने-अपने कंपनियों में 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देवें तथा विस्थापन नीति का शत-प्रतिशत पालन करें। कंपनियों से निकलने वाले वेस्टेज मटेरियल की निकासी सिस्टम के साथ किया जाय। विस्थापितों एवं उनके बच्चों को प्रशिक्षण दें, ताकि उन्हें रोजगार मिल सके,इन्हें परेशान न किया जाय। आगे उन्होंने कहा कि सीएसआर मद की राशि प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में कितना भेजी गयी है इसकी जानकारी जिला प्रशासन को देवें। जनहित के कार्यों को हम अनदेखी नहीं कर सकते हैं, हर सरकार की अपनी प्राथमिकता होती है। 

एयरपोर्ट के संबंध में मंत्री पटेल ने कहा कि उक्त स्थल के लिए प्रस्तावित भूमि के संबंध में जिला प्रशासन आवश्यक कार्यवाही करे, ताकि एयरपोर्ट निर्माण के लिए कार्यवाही की जा सके। जिसके संबंध में कलेक्टर के द्वारा माननीय द्वय मंत्री गणों को अवगत कराया गया कि पूर्व में एयरपोर्ट स्थल हेतु जो भूमि चयनित की गयी है उस पर आवश्यक कार्यवाहियां की जा रही हैं। 

बैठक के दौरान रीवा संभाग के आयुक्त डॉ.अशोक कुमार भार्गव, कलेक्टर केव्हीएस चैधरी, पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋतुराज, विन्ध्याचल के कार्यकारी निदेशक देवाशीष सेन, म.प्र.प्रदूषण बोर्ड के सदस्य आरएस कोरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेन्डे, निगमायुक्त शिवेन्द्र सिंह, एसडीएम ऋषि पवार, विकास सिंह सहित एनसीएल,एनटीपीसी औद्योगिक कंपनियों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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