सिंगरौली : सरकार की मंशा पर पानी फेरने में लगे है कृषि विभाग के अधिकारी और उनके चहीते !

दिनेश पाण्डेय
सिंगरौली।। सरकार ने एक तरफ किसानों की बेहतरी को लेकर क्या क्या योजना नही चला रखी है लेकिन जिले के अधिकारी है कि सरकार की मंशा पर पानी फेरने में दिनरात लगे हुये हैं।बतादे की जिले में अधिकारियों के नाक के नीचे कई ऐसे कीटनाशक की दुकान है जो बिना लाइसेंस के चल रहे है कुछ के पास है भी तो वह मानक के अनुरूप कार्य नही कर रहे है।हैरत की बात तो यह है कि अफसरों ने कभी भी इन दुकानों की हकीकत जानने की कोशिश नही की न ही ऐसे दुकानदारों पर कार्यवाई के लिए जहमत उठाई। 

जिले में अवैध तरीके से संचालित है खाद बीज की दुकान

जानकारी के लिये बतादे की सिंगरौली जिला के किसान बड़े स्तर पर मौसमी फसल की पैदावारी करते है।जिले में कई कीटनाशक दुकान संचालित है।इन्ही दुकानों में कई ऐसी भी दुकाने है जिनके विक्रेता को दवाइयों के बारे में एवं दवा के गुण धर्म के बारे में जानकारी नही होने के कारण किसानों को गलत दवाइयां बेच दी जाती है।जिससे किसानों की फसलें काफी मात्रा में बर्बाद हो रही है।यह सब जिले में बगैर लाइसेंस के अवैध तरीके से संचालित खाद बीज की दुकान के चलते हो रहा है।जिसको बढ़ावा देने में सबसे बड़ा हाथ कृषि विभाग के अधिकारी का है,वह खुद नही चाहते कि इस पर रोक लगे।



विभाग के चहीतों की अवैध वसूली से परेशान हैं व्यापारी  

अगर बारीकी से इसकी जांच हो तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाये।मुख्यालय से लेकर सम्पूर्ण जिले में ऐसे सैकड़ों दुकाने है जो अवैध तरीके से चल रही है।जहाँ से कृषि विभाग के अधिकारियों का मंथली फिक्स है।ऐसा नही है कि इनके द्वारा कार्यवाई नही की जाती है,कार्यवाई होती है,लेकिन कोरम पूरा करने के लिए। कभी कभार फील्ड में निकले तो दिखाने के लिए छूट पुट छोटे मोटे दुकानों का सेम्पल ले कर कार्यवाही कर दी गई।लेकिन तालाब में पल रहे बड़े-बड़े मगरमच्छो पर अधिकारी हाथ डालने की हिमाकत नही करते।बल्कि विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें खुला संरक्षण प्राप्त है।उक्त लोगो से पीड़ित व तंग आकर दर्जनो क्षेत्रीय व्यापारीयो ने नाम न छापने के शर्त पर अपना बयान देते हुये बताया कि उक्त विभाग के अधिकारी के कुछ चहीते  हैं,जो तमाम तरह के अनैतिक कार्यो में लिप्त है। ताज्जुब तो तब होता है जब की वह (चहीते)खुद कटघरे में खड़े हैं और दूसरे को विभाग का हवाला देकर हिदायत देते है।आगे उन्होंने बताया की उनके चहीते व्यापारियों से जबरन दबाव बनाकर विभाग के नाम पर एक मोटी रकम वसूल कर रहे है।विभाग में उनके खिलाफ शिकायत कोई सुनने को तैयार नही है,बल्कि तथाकथित लोगो द्वारा की जा रही क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत या विरोध किसी भी व्यापारियों द्वारा की जाती है तो उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर जेल में भेज देने की धमकी विभाग के अधिकारी द्वारा दी जाती है।जिसको लेकर जिले के व्यापारियों में काफी रोश है।

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