कृषि विभाग की मेहरबानी से जिले में चल रहे सैकड़ो गैर लाइसेंसी खाद बीज की दुकान

  • अधिक कीमत पर बेच रहे खाद और बीज, 
  • किसान हो रहे ठगी के शिकार,
  • किसान सभा ने दी आंदोलन की चेतावनी

दिनेश पाण्डेय
सिंगरौली जिले में अवैध रूप से संचालित खाद बीज की दुकानों के संचालन पर अबतक कृषि विभाग ने एक भी कार्यवाई नही की है इसका लाभ व्यापारी व विभिन्न कंपनियों के एजेंट उठा रहे है। क्षेत्र में आबाद खाद-बीज की दुकानों के संचालक कृषि विभाग के अधिकारियों से साठगांठ कर अवैध रूप से किसानों के पास से खाद बीज में मनमानी कीमत वसूल कर रहे हैं। इसके एवज में अधिकारियो द्वारा जिले मे संचालित सैकड़ो दुकानों से एक मोटी रकम वसूल कर रहे है। जानकारी के लिए बता दे कि यूरिया खाद का सरकारी रेट 266,50 रुपये है। वही गैर लाइसेंसी दुकान चलाने वाले उसी खाद को लेकर 380 रुपये में किसानों को धड़ल्ले बेच रहे है तथा डीएपी खाद का सरकारी रेट 12 सौ 21 रुपये 25 पैसे है। गैर लायसेंसी दुकानदार क्षेत्र के किसानों से उसी डीएपी खाद का 13 सौ 50 रुपये ले रहे है। जिले में कृषि विभाग के अधिकारियों की मेहरबानी से जिले में खुली लूट मची हुयी है जहां कोई देखने व सुनने वाला नही है।
विभाग नहीं रख रहा निगरानी

अवैध रूप से चलने वाले खाद व बीजों के दुकानों की निगरानी कृषि विभाग नहीं कर रहा है। रासायनिक खाद बेचने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया लंबी है। बतादे कि हर वह व्यक्ति जो दुकान संचालित कर रहा है। वह लाइसेंस प्राप्त नहीं कर सकता। इसके बावजूद लोग खाद-बीज की दुकान जिले में ऐसे खोल रखे हैं जैसे किराने की दुकान हो। ऐसा नहीं है कि जिले में संचालित इतने अधिक दुकानों की जानकारी कृषि विभाग को नहीं है। विभाग के फील्ड कर्मचारी से लेकर अधिकारियों को भी ऐसी दुकानों की जानकारी है,पर विभाग अब तक ऐसी अवैध दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

लाइसेंस के लिए बीएससी एग्रीकल्चर होना अनिवार्य

नियमानुसार रासायनिक खाद व हाईब्रीड बीच की बिक्री के लिए लाइसेंस उन्हीं को दिया जाता है जो कि बीएससी एग्रीकल्चर या बीएससी रसायन शास्त्र की डिग्री ले चुका है। कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की खेत की रक्षा के उद्देश्य से शासन से यह मापदंड तय किया है पर इन मापदंडों की परवाह यहां किसी को नही है। बीएससी एग्रीकल्चर करने वाला व्यक्ति नौकरी में जाना पसंद करता है। जो पहले से दुकान चला रहे है वे सिर्फ लाइसेंस प्राप्त करने के लिए इस डिग्री की पढ़ाई करना उचित नही समझते। क्षेेत्र में विभिन्न नई कंपनियों के खाद बीज भी आ रहे हैं। कंपनियों के कर्मचारी गांव के दुकानों में जाकर अपना माल बेच रहे है और दुकानदार इसे अधिक दामो में किसानों को धड़ल्ले से बे रोक टोक थमा रहे है और क्षेत्र के किसान जानकारी के अभाव भारी मात्रा में ठगी के शिकार हो रहे है।
जिले में हो रहे किसानों के साथ अन्याय कत्तई बर्दास्त नहीं किया जायेगा इस ओर जिला कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जिले में संचालित अबैध खाद बीज की दुकानों को चिंन्हित कर छापामार कार्यवाही करते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों पर भी कड़ी कार्यवाही की जाय। अन्यथा किसानों के हित को देखते हुए किसान सभा आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
रामलल्लू गुप्ता,  राज्य उपाध्यक्ष
मध्यप्रदेश किसान सभा
Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget