सिंगरौली : #NGT टीम की धमक से औद्योगिक घरानों में मचा हड़कंप


दिनेश पाण्डेय 
सिगरौली।।सिंगरौली जिले में प्रदूषण की स्थिति इन दिनों काफी भयावह है।जहां एक तरफ़ बाई रोड हो रहे कोयला परिवहन से सिंगरौली वासियों को सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है।कोयले के खुला परिवहन से यहां के हवा पानी मे जहर घूल गया है और यहां की गरीब जनता इसतरह के जहरीली हवा पानी का सेवन करके तड़प तड़प कर मरने को बाध्य है।दूसरी तरफ बाई रोड हो रहे कोयला परिवहन से आये दिन सड़क दुर्घटना में लोग बेमौत मारे जा रहे है। 
बतादे कि सिंगरौली के लोग प्रदूषण की चौतरफा मार झेल रहे है।प्रदूषण की बद्तर स्थिति को देखते हुए युद्धस्तर पर लम्बे समय से आन्दोलन भी किये जा रहे हैं। याचिकाओं पर एनजीटी ने आदेश भी पारित किये,लेकिन कोर कमेटी की सिफारिशों के बावजूद जिले में एनजीटी के निर्देशों का जो धज्जियां उड़ाई जा रही है। 

जिले में एनजीटी के आदेशो का नाम मात्र भी पालन नहीं किया जाता। प्रदूषण की स्थिति जानलेवा होते देख सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अश्वनी दुबे ने एनजीटी दिल्ली में फिर से याचिका लगायी।एनजीटी द्वारा स्पष्ट आदेश भी जारी किये गये थे, लेकिन अभी तक उन आदेशों पर पालन नहीं किया जा सका। 



सिंगरौली की स्थिति क्या है इसका भौतिक परीक्षण करने के लिए एनजीटी द्वारा गठित की गई टीम के लोग सिंगरौली पधारे हुए हैं।औधोगिक प्रबन्धन सकते है। कोल ट्रांसपोर्टरों के भी हाथ पॉव फूल गये हैं।क्योंकि इनके द्वारा मापदण्डों का पालन नही किया जा रहा है।


खबर मिली है कि एनजीटी की टीम ने आज एस्सार पावर बधौरा समेत अन्य कई जगहों का बारीकी से निरीक्षण किया है।बताया जा रहा है कि एनसीएल,एनटीपीसी समेत रिलायंस कोल ब्लॉक जहां 2 सितम्बर को ओबी बहने से दर्जन भर किसानों की फसलें बर्बाद हुई है।कई घरों में ओबी व खदानों का कोयला युक्त पानी भर गया था।अंदेशा लगाया जा रहा है कि एनजीटी की टीम वहाँ भी पहुंच सकती है।क्षेत्र का विधिवत अवलोकन करने के बाद उक्त टीम जिलाधिकारी व कंपनी के अधिकारियों से एक बैठक करेगी ततपश्चात अपनी रिपोर्ट बनाकर एनजीटी को प्रस्तुत करेगी।

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