अखबार को उल्लेख करना चाहिए, किस राजनैतिक दल द्वारा संचालित किया जा रहा है।-उपराष्ट्रपति


अब न्यूज और व्यूज आपस में मिलाए जा रहे हैं, यह सबसे बड़ी समस्या हो गई है।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस’ (National Press Day) के मौके पर शनिवार को उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायूड ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया को लेकर अपने विचार रखे। उनका कहना था कि आज के दौर में सनसनीखेज खबरों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है, लेकिन इन खबरों में संवेदनाएं नहीं होती हैं। उप राष्ट्रपति का यह भी कहना था कि आजकल कुछ बिजनेस समूहों, राजनीतिक दलों अथवा कुछ लोगों द्वारा अपने हितों के लिए चैनल व अखबार स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे में पत्रकारिका के मूल मूल्य नष्ट हो रहे हैं। 

उपराष्ट्रपति के अनुसार, पहले के दौर में खबर का मतलब सिर्फ खबर होता था। इनमें किसी तरह की मिलावट अथवा गलत व्याख्या नहीं होती थी। अब न्यूज और व्यूज आपस में मिलाए जा रहे हैं, यह सबसे बड़ी समस्या हो गई है। उपराष्ट्रपति का यह भी कहना था, ‘यदि आप मुझसे पूछें कि क्या राजनैतिक दलों को अपना अखबार शुरू करने का अधिकार नहीं है, मेरा मानना है कि उन्हें बिल्कुल यह अधिकार है, लेकिन यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि इस अखबार को किस राजनैतिक दल द्वारा संचालित किया जा रहा है।’
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