राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर हरिश्चंद्र महाविद्यालय में सरदार पटेल की 144 वीं जयन्ती का हुआ आयोजन


अंकुर पटेल (विशेष संवाददाता)

भारत के प्रथम गृहमंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर "सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती" विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर ओ पी सिंह ने कहा कि वल्लभ भाई की यह दूरदर्शिता और कठोर निर्णय लेने की क्षमता का ही परिणाम है कि आज हम अखंड भारत की संकल्पना को पूर्ण होता देख रहे हैं। अपने समकालीन राष्ट्र निर्माताओं से परे पटेल जन आकांक्षाओं की पूरा करने में श्रेय लेने की किसी दौड़ में नहीं दिखती। आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत की स्वर्णिम सरंचना के इस महान शिल्पकार को न सिर्फ याद करने का दिन है बल्कि उनको इस शिल्प का श्रेय देने का भी स्वर्णिम अवसर है।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉक्टर विश्वनाथ वर्मा ने सरदार पटेल की राजनीतिक यात्रा को खेड़ा आंदोलन से जोड़ते हुए कहा कि बागडोरी आंदोलन में किसानों की आवाज़ उठाने के साथ ही सविनय अवज्ञा की नींव पड़ी। सहमति और असहमति के बीच रास्ता बनाना सरदार पटेल की नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ अनुपम साही ने सरदार पटेल को मजबूत मनोवैज्ञानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि पटेल की शख्सियत ऐसी थी जो सामने वाले का मन मोह लेती थी और पटेल सामने खड़े व्यक्ति के भावों को आसानी से भाप लेते थे। रसायन विज्ञान विभाग के डॉ अनिल कुमार ने सरदार पटेल की रणनीतिक कुशलता का ज़िक्र करते हुए कहा कि 545 रियासत थी जिसे पटेल ने 561 में परिवर्तित किया।

डॉ पंकज कुमार सिंह ने सरदार पटेल को धर्मनिरपेक्ष नेता बताते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका की मूल्यांकन करना सूरज को दिए दिखाने जैसा है।

संगोष्ठी में डॉ ज्योत्सना चतुर्वेदी, दो अनिल प्रताप सिंह और महाविद्यालय के मुख्य नियंता मेजर डॉ पी के पांडेय ने अपने विचार व्यक्त किए।

"राष्ट्रीय एकता दिवस" के उपलक्ष्य में निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें बी ए द्वितीय वर्ष की कुमारी सुजाता सिंह और बी ए तृतीय वर्ष के छात्र कमल कुमार को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। अंकिता यादव (बी एस सी प्रथम वर्ष) और मनीष कुमार और प्रिया कुमारी चौरसिया (बी ए तृतीय वर्ष) को क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।


इस अवसर पर डॉ अशोक कुमार सिंह, डॉ देवाशीष सिंह, डॉ निर्मल वर्मा, डॉ बृजेश पाठक, डॉ राजेश कुमार झा, डॉ आशुतोष द्विवेदी, राजेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के अध्यापक व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।कायर्क्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन डॉ ऋचा सिंह ने किया।
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