International Hindi Conference,Nepal : भाषाओं के ज्ञान से इंसान के व्यक्तित्व में निखार आता है।-पूर्व प्रधानमंत्री

International Hindi Conference,Nepal


काठमाण्डू से सग़ीर ए ख़ाकसार

नेपाल में हिंदी का विस्तार कैसे हो, और इसे राष्ट्रीय भाषा का दर्जा कैसे हासिल हो ,इसके लिए नेपाल हिंदी मंच के तात्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में हिंदी प्रेमियों ने अपना मंतव्य प्रस्तुत किया।सम्मेलन में करीब 15 देशों के हिंदी प्रेमियों और विद्वानों ने दुनिया में हिंदी की स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम के आयोजक नेपाल राजनीति के वरिष्ठ नेता मंगल प्रसाद गुप्ता के इस पहल की लोगों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

सम्मेलन में नेपाल हिंदी के जानकारों के कथ्य और विचार का सार यह रहा कि तीव्र गति से दुनिया के सारे देशों में परचम लहरा रही हिंदी की आत्मा नेपाल में मुकाम के लिए अभी भी भटक रही है।
सम्मेलन के प्रमुख अतिथि पूर्व प्रधानमंत्री लोकेंद्र बहादुर चंद ने कहा कि हिंदी व्यापक रूप से मान्य संपर्क भाषा है।यह सरल रूप से बोली व समझी जाने वाली भाषा है।हिंदी भाषा में वैश्विक भाषा बनने के सारे तत्व हैं।पूर्व प्रधामंत्री ने हिंदी में लिखी अपनी कविता भी सुनायी जिससे लोग भाव विहोर हो गए है।आप हिंदी के साहित्यकार है और आप ने अनेकों किताबे भी लिखी है।पूर्व प्रधानमंत्री डॉ बाबू राम भट्टराई ने हिंदी दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि भाषा नदी की धारा के समान चंचल होती है।यह रुकना नहीं जानती ,सदैव गतिशील रहती है।उन्होंने कहा कि नेपाल एक बहुभाषिक,बहु सांस्कृतिक ,बहुलतावादी देश है।ज़्यादा से ज़्यादा भाषाओं के ज्ञान से इंसान के व्यक्तित्व में निखार आता है।

सम्मेलन को डॉ दाऊ गुप्ता जी ,राजकुमार सिंधी,सुदीप पाठक, डॉ उषा ठाकुर,डॉ लाल देव अवस्थी,डॉ रघुवीर शर्मा,रत्नेश्वर लाल कायस्थ,कार्यवाहक राजदूत डॉ अजय कुमार आदि ने अपना मंतब्य प्रस्तुत किया। 

इस अवसर पर डॉ रामदयाल राकेश,अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवियत्री डॉ शशि तिवारी की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।साहित्य जगत की कई हस्तियों को सम्मानित भी किया गया।
हिंदी मंच के अध्यक्ष/आयोजक मंगल प्रसाद गुप्ता ने देश विदेश से आये हिंदी प्रेमियों,एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।संचालन वरिष्ठ पत्रकार सग़ीर ए ख़ाकसार ने किया।
इस अवसर पर डॉ सरिता बुधु,रमेश सुरेश राम्बरण, सोबुल सुशील कुमार,(मॉरीशस),डॉ राम रे,सईद बी गद्दी,डॉ परवीन गुप्ता, बृजेश गुप्ता,गायत्री कुमार शाह,टीका ढकाल,सकीना खातून,आलोक तिवारी,दिग्विजय मिश्रा,गोपाल चंदेल,मिर्ज़ा अरशद बेग,सेराज फारूकी,साकिब हारूनी,नीलम गुप्ता, शिव रंजिनी कुमारी,आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।इससे पूर्व हिंदी मंच के सिद्धार्थ अग्रवाल ने आने स्वागत भाषण में अतिथियों का स्वागत किया।गायत्री कुमारी,और टीका ढकाल ने प्रमुख अतिथि ,विशिष्ट अतिथियों का बैज लगाकर स्वागत किया।
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