सोनभद्र में मिला सोने का भंडार : देश फिर कहलाएगा सोने की चिड़िया !

Gold reserves found in Sonbhadra



अब्दुल रशीद
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले में सैकड़ों टन सोना जमीन गर्भ में होने का पता चला है।बताया जा रहा है कि लगभग दो दशकों की खोज के बाद, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और भू-विज्ञान निदेशालय और खनन विभाग ने राज्य के सोनभद्र जिले के सोना पहाड़ी और हरदी गांवों में 52,806 टन के अनुमानित सोने के भंडार की खोज की है। 
सोने का यह भंडार, भारत के पीली धातु(GOLD) के वर्तमान घरेलू स्टॉक से दोगुना है। भारत का घरेलू सोना स्टॉक 25,000 टन के करीब है,जो दुनिया का सबसे बड़ा स्टॉक है। विश्व स्वर्ण परिषद के अनुसार भारत के पास इस समय 626 टन स्वर्ण भंडार है। सोने का नया भंडार इसका करीब पांच गूना है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख करोड़ रुपये होगा।तो इतने बड़े सोने के भंडार मिलने के बाद भारत अब "सोने की चिड़िया" कहा जाएगा?  Gold reserves found in Sonbhadra

भारत में सोने का घरेलू उत्पादन मांग के मुक़ाबले नहीं के बराबर होने के कारण, भारत आयात के माध्यम से अपनी पूरी सोने की मांग को पूरा करता है और यह देश के चालू खाते पर दबाव डालता है। 2019 में देश का सोने का आयात सालाना 12% गिरकर 690 टन हो गया, तीन साल में सबसे निचला स्तर धातु की खुदरा खरीद के रूप में है, जो कि वर्ष की दूसरी छमाही में घरेलू स्तर पर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। मूल्य के संदर्भ में, 2019 का आयात लगभग 2% घटकर $ 31.22 बिलियन हो गया।

यूपी सरकार ने अब इसी सोने की खुदाई करने के मक़सद से इस टीले को बेचने के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है।राज्‍य के खनिज विभाग ने इसकी पुष्टि की है और जल्द ही विभाग इस सोने को निकालने के लिए खुदाई शुरू कर देगा।

उल्लेखनीय स्वर्ण जमा अब तक बेंगलुरु से 50 किलोमीटर पूर्व में स्थित कोलार क्षेत्र में हुआ है।कोलार गोल्ड माइंस, जो अब डिफंक्ट भारत गोल्ड माइंस लिमिटेड द्वारा संचालित है,2001 में बंद कर दिया गया था,क्योंकि परिचालन व्यावसायिक रूप से बदल गया था।

नरेंद्र मोदी सरकार ने कोलार की खानों और कुछ अन्य डिपॉजिटों को पुनर्जीवित करने की कोशिश की है, इन विदेशी खनन दिग्गजों को नीलाम करने की कुछ रिपोर्टें आई हैं,लेकिन योजना अभी तक पूरी नहीं हुई है। कोलार गोल्ड माइन्स ने 150 वर्षों में लगभग 25 मिलियन औंस सोने का उत्पादन किया।

क्या सोने की वजह से सोनभद्र नाम पड़ा? 

image source : sonbhadra.nic.in

सोनभद्र ज़िले की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक़, ये भारत का एक मात्र ज़िला है जिसकी सीमा चार राज्यों से मिलती है।ये राज्य हैं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार. यह उत्तर प्रदेश से सुदूर दक्षिण में बसा है और एक औद्योगिक क्षेत्र है।

यहां बॉक्साइट, चूना पत्थर, कोयला, सोना जैसे बहुत सारे खनिज पदार्थ उपलब्ध हैं। सोनभद्र को ऊर्जा की राजधानी कहा जाता है क्योंकि यहां बिजली संयंत्र बड़ी संख्या में हैं।

सोनभद्र का नाम सोन नदी की वजह से पड़ा है लेकिन इसकी वजह सिर्फ सोन नदी ही नहीं है। सोन नदी का नाम सोन नदी इसलिए पड़ा है क्योंकि इसमें सोने के अंश मिलते रहे हैं।

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