NTPC मालगाड़ी ट्रेन हादसा : रेलवे ने कहा- हादसे के लिए हम जिम्मेदार नहीं

NTPC मालगाड़ी ट्रेन हादसा


अब्दुल रशीद 

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एन टी पी सी के लिए कोयला ढोने वाली दो मालगाड़ियों की सीधी टक्कर हो गई है।इस रेलवे ट्रैक का इस्तेमाल कोयला लाने-ले जाने वाली मालगाड़ियों के लिए ही होता है। सबसे अहम सवाल है कि एक ही ट्रैक पर 2 मालगाड़ियों को कैसे जाने दिया गया?हादसे में तीन कर्मचारियों की मौत हो गई।  बताया जा रहा है कि इस टक्कर में करोड़ों का नुकसान हुआ है। हालांकि नुकसान को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।  

एक ही ट्रैक पर 2 मालगाड़ियों को कैसे जाने दिया गया?

रेलवे सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में स्थित राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के रिंहद में कोयला खाली कर मालगाड़ी लौट रही थी। दूसरी मालगाड़ी सिंगरौली के अमरोली एमजीआर क्षेत्र से कोयला लेकर रिंहद क्षेत्र जा रही थी। सिंगरौली के बैढ़न इलाके के पास गनियारी में दोनों मालगाड़ी तड़के 4 बजे टकरा गईं। सुबह 10 बजे दोनों मालगाड़ियों के इंजन में फंसे शवों को निकाला गया। हादसे में तीन कर्मचारियों की मौत हो गई। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल सहित एनटीपीसी के कर्मचारी एवं सीआईएसएफ के जवान तैनात हैं।इस रेलवे ट्रैक का इस्तेमाल कोयला लाने-ले जाने वाली मालगाड़ियों के लिए ही होता है। सवाल यह है कि एक ही ट्रैक पर 2 मालगाड़ियों को कैसे जाने दिया गया?
घटना को लेकर मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित थे।उनका कहना था कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
रेलवे ने कहा- हादसे के लिए हम जिम्मेदार नहीं

सिंगरौली जिले में कई कोयला खदानें हैं। यहां से कोयला इन मालगाड़ियों से रिंहद एनटीपीसी क्षेत्र में भी भेजा जाता है। रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि इस हादसे का रेलवे से कोई संबंध नहीं है। इस ट्रैक को एनटीपीसी संचालित करता है।
घटना की हाई लेवल जांच कराई जाएगी। 

एस डी एम ऋषि पवार ने कहा के एन टी पी सी प्रबंधन से बात हुई है,और मृतकों के  परिजनों से बात कराई गई है।प्रबंधन के तरफ से चार महत्वपूर्ण बाते कही गई है। पहली बात, घटना की हाई लेवल जांच कराई जाएगी,जिसकी प्रोसेस आज से शुरू हो गई है उनके द्वारा कही गई है। दूसरी बात, जो मृतकों का इन्सोरेंस होगों उसको नियमानुसार कैलकुलेट करके एक महीने के भीतर दिलाया जाएगा। तीसरी बात,जो भी मृतक के नियमानुसार नॉमिनी होंगे उनके लिए सेमी स्किल्ड कैटेगोरी के तहत रोजगार की बात कही गई है। चौथी बात परिजनों को 10-से -15 दिनों के बीच तत्काल राहत राशि के रूप में एक लाख रुपए देने की बात की गई है और अंत में अंतिम संस्कार के लिए मृतकों के परिजनों को 25 हजार रुपए देने की बात कही है। 
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