मदर इंडिया है, निर्भया की माँ - डां रचना तिवारी

मदर इंडिया है, निर्भया की माँ - डां रचना तिवारी Nirbhaya's mother is Mother India - Dr Rachna Tiwari


सोनभद्र।।सात साल बाद उच्चतम न्यायालय ने अधर में लटके फैसले को अंजाम दे दिया ,निर्भया फैसला जनस्वीकार्यता के रूप में आना यह प्रमाणित करता है कि अभी हम ज़िंदा हैं ,इंसानियत ज़िंदा है ,न्याय ज़िंदा है ।मेरी कलम भी इस ज़िंदा निर्भया फैसले की भूरी भूरी प्रशंसा करती है।न्यायिक दस्तावेज़ में यह फैसला भी चमत्कारिक और ऐतिहासिक रूप में दर्ज हो चुका है । बहुत बड़ी खुशी इस बात की है कि भारतीय राजनीति ने इस प्रकरण पर गन्दी सियासत नहीं कि ।आज न्यायालय ने न जाने कितने करोड़ लोगों का विश्वास जीता है,जनता न्यायालयों के प्रति आशान्वित हुई है ,ऐसे फैसलों से कानून की पवित्रता और निष्पक्षता कायम हुई है ।
निर्भया की माँ आशा देवी का हठधर्म समूचे भारत की माओं के लिए प्रेरणा बन गया है, निर्भया फैसले में आधी आबादी का धैर्य और साहस पूरी दुनिया ने सराहा है ।जीते जागते भारत की मदर इंडिया हैं आशा देवी ।
तमाम पेंच की वजह से हालांकि फैसला आने में देर हुई फिर भी न्याय हुआ ।दामिनी ने अपनी जंग -ए- ज़िन्दगी को अपनी सांस थम जाने के सात साल बाद जीता ,यह उसकी आत्मा का सत्कर्मी हठधर्म था । देश गलियों से संसद तक निर्भया फैसले पर लंबी सांस खींच रहा है ।क्रूरतम अपराध के लिए क्रूरतम फैसले का ऐलान ऐसे ही होना चाहिए ।यह फैसला आधी आबादी को बहुत बड़ा सम्बल देकर गया है इसलिए न्याय के पहरुओं को आधी आबादी की शुभकामना है । धैर्य और विश्वास के लिए बस इतना ही कि 
हर घड़ी जो टूटती है सांस है ,
धैर्य न टूटे अगर तो आस है ।
आदमी और आदमी के बीच मे ,
जो नहीं टूटे ,वही विश्वास है।
डॉ. रचना तिवारी ,साहित्यकार ,गीतकार 
सोंनभद्र ,रॉबर्ट्सगंज
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