डॉक्टरों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

डॉक्टरों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।


50 से ज्यादा डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण से प्रभावित बताए जा रहे हैं। देश के सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल, एम्स में डॉक्टर दंपत्ति संक्रमित पाए गए हैं और संक्रमण की हालत में डॉक्टर की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया है। दिल्ली सरकार के कैंसर संस्थान के डॉक्टर को संक्रमण हो गया है तो दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल से लेकर मोहल्ला क्लीनिक तक के डॉक्टरों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है।

आपको मालूम होना चाहिए की,दुनिया के दूसरे देशों में भी जहां इस वायरस का ज्यादा संक्रमण है, वहां बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित पाए गए हैं। इटली और स्पेन में तो कई डॉक्टरों की मौत हुई है।

भारत सरकार को सबक लेना चाहिए और कम से कम सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, पीपीई का बंदोबस्त करना चाहिए। अगर पीपीई का बंदोबस्त नहीं है तो डॉक्टरों को इलाज के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। कई राज्यों से ऐसी खबर आई है कि डॉक्टर रेनकोट पहन कर इलाज कर रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए की भारत में प्रति व्यक्ति डॉक्टर की उपलब्धता बहुत कम है।
Reactions:

टिप्पणी पोस्ट करें

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget