LOCKDOWN : 350 से अधिक जिले ग्रीन जोन में शामिल, जानिए आप किस जोन में हैं?

LOCKDOWN : 350 से अधिक जिले ग्रीन जोन में शामिल, जानिए आप किस जोन में हैं?


कोरोना वायरस को लेकर देशभर में दूसरी बार लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। अब 3 मई तक पूरा देश लॉकडाउन में रहेगा। लेकिन जब पीएम मोदी लॉकडाउन को लेकर घोषणा कर रहे थे, तब उन्होंने ये भी कहा था कि 20 अप्रैल के बाद कुछ इलाकों में कई तरह की छूट दी जा सकती हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित 170 जिलों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है।207 की पहचान गैर-हॉटस्पॉट के रूप में की गई है।
भारत में वर्तमान समय कुल 736 जिले हैं, उनमें से सरकार ने कुल 170 जिले हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया हैं. वहीं नॉन हॉटस्पॉट में 207 जिले है।

साथ ही देश में 350 से अधिक जिलों ऐसे है,जो कोरोना संक्रणम के पहुंच से दूर है तो आईये जानते है, सरकार कितने जिलों कितने जोन में बांटा है और इसका में कौन-कौन जिला आता है। किस आधार पर यह वर्गीकरण हुआ है…

हॉटस्पॉट जोन 

ये वो जिले होंगे वैसे जिले जहाँ लगातार ज्यादा संक्रमण का मामले सामने आ रहे हैं। और जांच के बाद पॉजिटिव केस की संख्या  में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। वह जिले हॉटस्पॉट जोन या रेड जोन  वाले जिले के श्रेणी में आएंगे। ऐसे जिलों में स्वास्थ्य मंत्रालय के निगरानी में राज्यों के प्रमुख अधिकारियों के निदेश पर इलाके का पूरी तरह सर्वे करके उसका जाँच रिपोर्ट तैयार करना होगा। ऐसे क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा रहा है। नमूने एकत्र कर जांच किया  जायेगा. साथ ही आवश्यक सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों को छोड़ कर नियंत्रित क्षेत्रों में आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी। देश के 170 जिले  रेड जोन में आते हैं। 

नॉन हॉटस्पॉट जोन 

इस कैटेगरी में उन जिलों को शामिल किया गया है,जहाँ संक्रमण का फैलाव कम स्तर पर हुआ है,लेकिन कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या कम हैं। वह जिले नॉन हॉटस्पॉट जोन या आरेंज जोन वाले जिले के श्रेणी में आएंगे।  ऐसे जिलों को भी ठीक उसी तरह ट्रीट किया जाएगा, जैसे हॉटस्पॉट कैटेगरी वाले जिलों में काम हो रहा है। वहां भी क्लस्टर कंटेनमेंट के हिसाब से काम किया जाएगा। ताकि चेन ऑफ ट्रांसमिशन ब्रेक हो पाए। इसका मतलब यहां भी सख्ती बरती जाएगी और किसी भी तरह की कोई छूट नहीं मिलेगी।देश के 207 जिले आरेंज जोन में आते हैं।

ग्रीन जोन 

ग्रीन जोन में वो जिले आते हैं जहां कोरोना के केस नहीं आए हैं। या फिर वो जिले, जहां पिछले कुछ दिनों से एक भी केस रिपोर्ट नहीं किया गया है। इसे लेकर मंत्रालय ने बताया है कि ऐसे जिलों का खास खयाल रखा जाएगा। कोशिश रहेगी कि ये जिले नॉन इफेक्टेड ही रहें।वहां कम्युनिटी से संपर्क करते हुए सावधानियां बरती जाएं।साथ ही इस जोन में इनफ्लुएंजा या सांस से संबंधित बीमारी से गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा।ऐसे मरीजों की पहचान कर उन्हें कोरोना अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को दी गई है।यानी यहां पर बाकी जिलों के मुकाबले कुछ छूट दी जा सकती हैं।  देश के 359 जिले ग्रीन जोन में आते हैं।
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