डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को आवाजाही में परेशानी नहीं होनी चाहिए, गृह मंत्रालय का राज्यों को निर्देश

डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को आवाजाही में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।


बैढ़न कार्यालय

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुएृ गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी कर कहा है कि उनके राज्यों में सभी प्राइवेट मेडिकल क्लीनिक खोलने की परमिशन दी जाए। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि राज्यों के सभी प्राइवेट क्लीनिक को खोलने की अनुमति दी जाए और उनपर किसी तरह की पाबंदी ना लगाई जाए।  गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि लॉकडाउन के दौरान डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को आवाजाही में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों से कहा है कि स्वास्थ्य कर्मियों और एंबुलेंस को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की इजाजत दी जाए।  

डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को आवाजाही में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि चिकित्सकों एवं पराचिकित्सकों : पैरा मेडिकल: की अंतर-राज्यीय आवाजाही को जहां जरूरत हो वहां सुगम बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने पत्र में कहा, “चिकित्सा पेशेवरों और पराचिकित्सक स्टाफ की आवाजाही पर किसी तरह की पाबंदी कोविड और गैर-कोविड चिकित्सा सेवाओं में गंभीर बाधाएं पहुंचा सकती है।”

उन्होंने कहा, “इसलिए, सभी चिकित्सा पेशेवरों की सुचारू आवाजाही जन स्वास्थ्य सेवाओं और अनमोल मानव जिंदगियां बचाने के लिए आवश्यक है।”

भल्ला ने कहा कि कई स्थानों पर निजी क्लिनिकों और नर्सिंग होम के संचालन की अनुमति नहीं दिए जाने की खबरें आ रही हैं।

उन्होंने ध्यान दिलाया कि इन चिकित्सा केंद्रों का चालू होना भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि ये रोजमर्रा के चिकित्सा ढांचे का अभिन्न अंग हैं और अस्पतालों का बोझ कम करते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसे सभी क्लिनिक एवं नर्सिंग होम को बिना किसी बाधा के काम करने देना सुनिश्चित करने की अपील करता हूं।”
बता दें कि पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है, लेकिन धीरे-धीरे सरकार की तरफ से कई चीजों में छूट दी जा रही है। कोरोना के बढ़ते असर को देखते हुए मेडिकल स्टाफ की ज्यादा से ज्यादा जरूरत पड़ सकती है, जिसको देखते केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने लेटर लिखकर सभी राज्यों और केंद्रशासित राज्यों को निर्देश जारी किया है। 

प्रधानमंत्री 11 मई को एक बार फिर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बैठक करेंगे। इस दौरान अर्थव्यवस्था सहित कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। ये जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ट्विटर पर कहा कि वह वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोपहर लगभग तीन बजे यह बैठक करेंगे। 

17 मई को लॉकडाउन की डेडलाइन है, ऐसे में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और कन्टेनमेंट जोन में महामारी से निपटने को लेकर बैठक में चर्चा होगी। दो बार पहले ही लॉकडाउन बढ़ाया जा चुका है। 
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